
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ऋतुराज सिंह के कड़े निर्देश, सोनकच्छ की स्थिति पर जताई नाराजगी
देवास | 19 जनवरी 2026
कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले 18 चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इनमें एक को निलंबित, पांच की वेतनवृद्धि रोकने, तीन पर विभागीय जांच, सात के वेतन कटौती और दो को शोकॉज नोटिस देने के आदेश शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सेवाएं, आयुष्मान योजना, मिशन परिवार विकास, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ, एनआरसी, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, आशा कार्यक्रम, एसएनसीयू, एनसीडी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

एएनसी रजिस्ट्रेशन पर असंतोष, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
कलेक्टर ने एएनसी रजिस्ट्रेशन की समीक्षा में जिले में केवल 66.04 प्रतिशत प्रगति पाए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह नियमित कार्य है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एएनएम, बीईई और बीपीएम के खिलाफ वेतन कटौती और वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए।
सोनकच्छ की स्थिति बेहद खराब, बीएमओ को फटकार
सोनकच्छ विकासखंड में एएनसी कार्य की स्थिति बेहद निराशाजनक पाए जाने पर कलेक्टर ने बीएमओ राकेश कुमार की दो वेतनवृद्धि रोकने और बीपीएम के वेतन कटौती के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि सुधार नहीं होने पर और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एनीमिक गर्भवती महिलाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में बताया गया कि एनीमिक गर्भवती महिलाओं को शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में ब्लड ट्रांसफ्यूजन कराने पर 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी, जिससे सुरक्षित प्रसव और मातृ स्वास्थ्य में सुधार हो सकेगा।
शिविरों के माध्यम से योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
कलेक्टर ने आयुष्मान योजना, बाल हृदय उपचार योजना, कैंसर जांच (विशेषकर स्तन कैंसर) और नेत्र परीक्षण के लिए हर 20 दिन में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए, ताकि पात्र नागरिकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
➡️ कुल मिलाकर, बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर अब सख्त कार्रवाई तय है और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।





