देवास विधानसभा सबसे पीछे: जिले में एसआईआर डिजिटलाइजेशन 73.43%


देवास, 25 नवंबर 2025।
जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का काम तेज़ी से चल रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता गणना पत्रक वितरित कर रहे हैं और प्राप्त फॉर्म्स का डिजिटलाइजेशन कर रहे हैं। अब तक जिले में कुल 73.43% डिजिटलाइजेशन का कार्य पूरा हो चुका है।
जिले की पांच विधानसभा क्षेत्रों में हुए प्रतिशत के अनुसार देवास विधानसभा क्षेत्र सबसे पीछे है—
सोनकच्छ : 81.89%
हाटपीपल्या : 79.49%
खातेगांव : 75.83%
बागली : 75.19%
देवास : 58.43% (सबसे कम)

एसआईआर के तहत जिलेभर में मतदाताओं की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। साथ ही, जिले के 1950 डिस्ट्रिक्ट कॉन्टैक्ट सेंटर में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर प्राप्त शिकायतों और कठनाइयों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने एसआईआर की संपूर्ण प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग के लिए बीएलओ सुपरवाइजर, जोनल अधिकारी और अतिरिक्त स्टाफ नियुक्त किया है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में कंट्रोल रूम और सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं ताकि मतदाताओं को फॉर्म भरने में किसी तरह की परेशानी न हो। राजनीतिक दल भी अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया में हैं।

📌 12 राज्यों में हो रहा है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य
भारत निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष देश के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया संचालित की है। इनमें मुख्य रूप से वे राज्य शामिल हैं जहाँ विधानसभा चुनाव या निर्वाचन सुधारों हेतु मतदाता सूची अद्यतन की आवश्यकता अधिक पाई गई। इस अभियान के तहत घर-घर सर्वे, नए मतदाताओं का पंजीयन, मृत/स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टि का सुधार, और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट जैसे कार्य किए जा रहे हैं।





