
देवास | 10 मार्च 2026
देवास जिले में निजी स्कूलों द्वारा किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म को लेकर की जाने वाली मनमानी पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अहम निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ऋतुराज सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर स्कूल संचालकों, पुस्तक प्रकाशकों और विक्रेताओं के एकाधिकार को समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार अब कोई भी स्कूल विद्यार्थियों या अभिभावकों को किसी एक विशेष दुकान या विक्रेता से किताबें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। साथ ही विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य पुस्तकों की सूची परीक्षा परिणाम से पहले ही अपनी वेबसाइट और सूचना पटल पर सार्वजनिक करेंगे। अभिभावकों को परीक्षा परिणाम से पहले किताबें खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और वे 30 अप्रैल 2026 तक अपनी सुविधा अनुसार पुस्तकें खरीद सकेंगे।
सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें ही अनिवार्य रूप से लागू रहेंगी, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
स्कूल बैग के वजन को लेकर भी नियम
स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यार्थियों के बस्ते का वजन भी निर्धारित किया गया है।
• कक्षा 1 से 2 – अधिकतम 1.5 किलोग्राम
• कक्षा 3 से 5 – 2 से 3 किलोग्राम
• कक्षा 6 से 7 – अधिकतम 4 किलोग्राम
• कक्षा 8 से 9 – अधिकतम 4.5 किलोग्राम
• कक्षा 10 – अधिकतम 5 किलोग्राम
निर्देश में यह भी कहा गया है कि एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्य पुस्तकों से अधिक पुस्तकें विद्यार्थियों के बस्ते में नहीं रखवाई जाएंगी।
इसके अलावा कोई भी स्कूल अधिकतम दो यूनिफॉर्म ही निर्धारित कर सकेगा और उसमें कम से कम तीन वर्ष तक बदलाव नहीं किया जाएगा। स्कूल परिसर में किसी भी निजी प्रकाशक या पुस्तक विक्रेता को प्रचार-प्रसार की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित संस्था या व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।




