फर्जी पेमेंट ठग “बंटी-बबली” गिरफ्तार – इंस्टाग्राम रील देखकर रची ठगी की साजिश, ₹1 लाख से अधिक का माल बरामद


देवास। फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों से ठगी करने वाले युवक और युवती की जोड़ी को देवास पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई में ₹1,05,200 मूल्य का मश्रुका बरामद किया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि दोनों ने ठगी की यह तरकीब इंस्टाग्राम पर रील देखकर सीखी थी।
📍मामला इस प्रकार है —
देवास के एमजी रोड स्थित रत्नराज ज्वेलर्स के संचालक दिलीप सोनी (60 वर्ष) ने 05 नवंबर को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि 04 नवंबर की शाम करीब 6 बजे एक युवक और युवती दुकान पर आए। उन्होंने ₹6,700 की चांदी की पायल और दो अंगूठियाँ खरीदीं और भुगतान के लिए PhonePe QR कोड स्कैन करने का दावा किया। बाद में उन्होंने एक फर्जी भुगतान स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकान से आभूषण ले लिए। जब दुकानदार ने खाते की जांच की, तो राशि प्राप्त नहीं हुई।
इसी जोड़ी ने नावेल्टी चौराहे स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान से भी ₹18,500 की LED TV फर्जी पेमेंट दिखाकर खरीदी थी।

ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत बड़ी सफलता
शिकायत के बाद पुलिस ने “ऑपरेशन त्रिनेत्रम” के तहत जनसहयोग से लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम —
👉 दीपक वर्मा
👉 बबली रजक
पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक रील देखकर इस ठगी की योजना बनाई थी और उसी तरीके से वारदात को अंजाम दिया।

🔹 पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
🔸 बरामद मश्रुका:
चांदी की पायल और दो अंगूठियाँ
LED टीवी
वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (HF Deluxe)
कुल मूल्य: ₹1,05,200/-
📜 मामला दर्ज:
कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 815/05.11.2025 धारा 318(4), 3(5) BNS के तहत वैधानिक कार्यवाही जारी है।
👏 सराहनीय भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारी:
थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक श्यामचन्द्र शर्मा,
उनि जितेन्द्र यादव, प्रआर मनोज पटेल, जितेन्द्र पटेल,
आरक्षक सुजीत, नवीन, वैभव, मनीष, मआर स्वाति,
तथा सायबर सेल टीम से प्रआर सचिन चौहान और शिवप्रताप सिंह सेंगर।
🔹 देवास पुलिस की सतर्कता और तकनीकी टीम की तेजी ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराध चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, क़ानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं।





