
– भावांतर योजना बनी देशभर के लिए मिसाल, देवास को मिले 183 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
देवास, 13 नवंबर 2025।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास में आयोजित प्रदेश स्तरीय भावांतर योजना भुगतान कार्यक्रम में प्रदेश के 1 लाख 33 हजार किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “बीता कल लाड़ली बहनों के नाम था और आज किसानों के नाम।” उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि भावांतर योजना के तहत राशि निरंतर उनके खातों में अंतरित की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान किसानों की अथक मेहनत से बनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य लगातार विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि “सीमा पर जवान और खेत में किसान – दोनों ही राष्ट्र की शक्ति हैं।”
डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के 9 लाख से अधिक किसानों ने भावांतर योजना में पंजीयन कराया है और आगामी 15 जनवरी तक किसानों से सोयाबीन की खरीदी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में देवास को 183 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 8 विकास कार्यों की सौगात भी दी। इनमें सड़कों का निर्माण, पुलिस लाइन में आवास निर्माण, असंगठित श्रमिकों के लिए रैन बसेरा, और 100 बिस्तर वाला वर्किंग वूमन हॉस्टल शामिल है।
भावांतर योजना: किसान कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम
कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि भावांतर योजना किसानों के हित में एक क्रांतिकारी पहल है, जिसका सफल क्रियान्वयन देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बन गया है। सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि “देवास से आज इतिहास रचा गया है, यह योजना पूरे देश में मध्यप्रदेश की नई पहचान बनेगी।”

देवास को मिली विकास की नई रफ्तार
विधायक गायत्री राजे पवार ने कहा कि देवास के लिए आज गौरव का दिन है। यहां से किसानों को भावांतर राशि दी जा रही है और शहर को 183 करोड़ की विकास सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती, गौ पालन, और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं।

कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
प्रदेश के 2,36,774 किसानों ने अब तक 40.81 लाख क्विंटल सोयाबीन की उपज बेची।
देवास जिले के 16,678 किसानों ने 3.21 लाख क्विंटल सोयाबीन बेची।
देवास जिले के किसान पानसिंह जाट को सबसे अधिक ₹1,64,487 की राशि मिली।
मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम में 206 युवाओं को निजी कंपनियों में रोजगार मिला।
देवास में किसानों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव — “कृषक कल्याण हमारी प्राथमिकता”





