
माता-पिता की गैरहाजिरी में कराई 13 साल की बच्ची की शादी

देवास।
जिले में एक नाबालिग बालिका का उसके माता-पिता की जानकारी के बिना विवाह कराए जाने का मामला सामने आया है। मामला प्रकाश में तब आया जब फरियादिया ने 4 नवंबर 2025 को कलेक्टर कार्यालय देवास में जनसुनवाई के दौरान जिलाधीश ऋतुराज सिंह को अपनी आपबीती सुनाई।
फरियादिया ने बताया कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री का विवाह उसके चाचा दीपक परिहार एवं अन्य रिश्तेदारों ने माता-पिता की गैरमौजूदगी में किसी वयस्क व्यक्ति अजय परिहार से कराकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया। फरियादिया के अनुसार, यह सब उस समय हुआ जब वह और उसका परिवार कुछ दिनों के लिए गुजरात गए हुए थे।
जिलाधीश ऋतुराज सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद को इसकी जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जयवीर सिंह भदौरिया, उप पुलिस अधीक्षक (एलआर) संजय शर्मा एवं थाना प्रभारी बीएनपी अमित सोलंकी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।
तेज़ी से की गई कार्रवाई के तहत पुलिस ने कुछ ही घंटों में नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। वहीं, विवाह कराने वाले मुख्य आरोपी दीपक परिहार, अजय परिहार सहित अन्य रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 9 एवं 11 बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
इस पूरे मामले पर जिलाधीश ऋतुराज सिंह और पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने कहा —
“नाबालिग बालिकाओं का विवाह एक गंभीर अपराध है। समाज के सभी नागरिकों को इस दिशा में जागरूक रहना चाहिए तथा ऐसे मामलों की तत्काल सूचना पुलिस को देना चाहिए। बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार के अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
🔹 बाल विवाह रोकने की दिशा में यह देवास प्रशासन और पुलिस की तत्परता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।




