
देवास पुलिस ने “ऑपरेशन मैट्रिक्स” के तहत साइबर ठगी से जुड़े म्यूल बैंक खातों के एक बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए करीब 2 लाख रुपये नगद बरामद किए हैं, जबकि 13 लाख रुपये की साइबर फ्रॉड से जुड़ी राशि को फ्रीज़ कराया गया है। आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन, चेकबुक, एटीएम कार्ड सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।
साइबर ठगी के पैसों को ट्रांसफर करने में होते थे म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार आरोपी युवाओं को लालच देकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग करते थे। इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाली करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की राशि को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था, जिससे असली ठग अपनी पहचान छिपा सकें।
होटल से शुरू हुई कार्रवाई, करोड़ों के ट्रांजेक्शन

दिनांक 8 जनवरी 2026 को औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को सूचना मिली कि देवास में म्यूल अकाउंट ऑपरेट किए जा रहे हैं। सूचना पर गंगानगर स्थित होटल “श्री जी” में दबिश दी गई, जहां से 5 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और बैंक स्टेटमेंट जांच में सामने आया कि एक आरोपी के खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं, जिनका कोई वैध स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका।
टेलीग्राम के जरिए शेयर मार्केट निवेश का झांसा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऐसे साइबर ठगों के लिए काम करते थे, जो टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देते थे। ठगी की रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कर ठग फरार हो जाते थे।
वरिष्ठ एजेंट भी गिरफ्तार, डिजिटल ट्रेल से खुला नेटवर्क
डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने गिरोह के 4 वरिष्ठ एजेंटों को भी गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगों को म्यूल खाते उपलब्ध कराते थे। इस तरह कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
लगभग 30 लाख रुपये का मश्रुका जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से 19 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 2 लाख रुपये नगद, चेकबुक, एटीएम कार्ड, पैन-आधार कार्ड, वाई-फाई बॉक्स, सील-मुहर और घटना में प्रयुक्त टाटा नेक्सॉन कार जब्त की है। कुल मश्रुका की कीमत करीब 29.77 लाख रुपये बताई जा रही है, जिसमें 13 लाख रुपये की राशि बैंक खातों में फ्रीज़ की गई है।
अन्य संदेहियों की तलाश जारी
देवास पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।





