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शादी कराई, लाखों लिए… फिर नींद की गोलियां खिलाकर फरार. ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह बेनकाब, 5 आरोपी गिरफ्तार

देवास। 31.12.2025
देवास जिले में भोले-भाले अविवाहित युवकों से शादी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले संगठित ‘लुटेरी दुल्हन गिरोह’ का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। थाना कमलापुर पुलिस ने इस गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए ठगी की बड़ी साजिश का खुलासा किया है।

पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद के निर्देशन में जिले में ठगी और संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई।

थाना कमलापुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 26 दिसंबर 2025 को ग्राम बेड़ामऊ निवासी फरियादी रवि जाटवा और सतीश डोरिया ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दिनांक 16 दिसंबर 2025 को आरोपी मनीष चौबे निवासी छिंदवाड़ा के माध्यम से उनकी शादी बागली स्थित जटाशंकर मंदिर में आरती मरकाम और सरिता परतेती से कराई गई।


शादी के नाम पर आरोपियों ने दोनों युवकों से ₹3 लाख नकद वसूले। इसके बाद 23 दिसंबर 2025 को दोनों तथाकथित दुल्हनों ने खाने में नींद की गोलियां मिलाकर पीड़ितों को बेहोश कर दिया और नकदी व सोने का मंगलसूत्र लेकर फरार हो गईं।

छिंदवाड़ा से दबोचा गया पूरा गिरोह

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कमलापुर में अपराध क्रमांक 255/2025 धारा 83, 318(3), 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुश्री सौम्या जैन के मार्गदर्शन और एसडीओपी बागली सुश्री सृष्टि भार्गव के निर्देशन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सर्जन सिंह मीणा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जिला छिंदवाड़ा से इस संगठित गिरोह के सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी

मनीष उर्फ विक्की चौबे (42 वर्ष)

अजय मरकाम (21 वर्ष)

सरिता परतेती (27 वर्ष)

आरती मरकाम (23 वर्ष)

पार्वती उइके (35 वर्ष)
(सभी आरोपी जिला छिंदवाड़ा निवासी)

पुराना ठग निकला मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मनीष चौबे के खिलाफ पहले से ही ठगी, धोखाधड़ी और मारपीट के 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

बरामद सामग्री

• ₹1,95,000 नगद
• इंडिगो कार (अनुमानित कीमत ₹60,000)
• सोने का मंगलसूत्र (अनुमानित कीमत ₹40,000)

ऐसे करते थे ठगी

पुलिस के अनुसार यह गिरोह अविवाहित पुरुषों को शादी का झांसा देकर मोटी रकम वसूलता था। फर्जी नाम-पते से विवाह कराकर कुछ दिनों बाद महिलाओं को सुनियोजित तरीके से घर से फरार करा दिया जाता था।

टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में थाना कमलापुर पुलिस और साइबर सेल टीम की अहम भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से एक बड़ा ठगी गिरोह बेनकाब हो सका।

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