देवास में होटल-ढाबों की आड़ में चालू अवैध आहते!
आबकारी विभाग सख्त, ठेकेदार तमतमाए !

देवास।
मध्य प्रदेश में वर्ष 2023 से शराब के सभी आहते पूर्णतः बंद किए जा चुके हैं। इसके बावजूद देवास शहर में होटल–ढाबों और रेस्टोरेंट्स की आड़ में कई शराब ठेकेदार अवैध आहते संचालित कर रहे हैं। शाम ढलते ही इन स्थानों पर शराबखोरी का माहौल बन जाता है, जिससे कानून व्यवस्था और सामाजिक वातावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
आबकारी नियमों को खुलेआम ताक पर रखा गया
सूत्रों के अनुसार शहर के कई क्षेत्रों में अवैध शराब आहते चल रहे हैं, जहां नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शिकायतें बढ़ने पर आबकारी विभाग ने कुछ अवैध आहते बंद भी करवाए हैं, जबकि बाकी पर कार्रवाई जारी है।

ठेकेदारों की नाराज़गी—अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश
सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह है कि इन कार्रवाइयों से नाराज़ कुछ ठेकेदार अब आबकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने और उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि एक ठेकेदार तो हद पार करते हुए जेब में ज़हर लेकर घूम रहा है, ताकि अधिकारियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा सके।

कानून विरुद्ध काम पर भी दबाव—सबसे बड़ी विडंबना
विडंबना यह है कि जो कार्य कानून के विरुद्ध है—यानी आहते चलाना—उसके लिए भी अधिकारी दबाव झेल रहे हैं।
आम तौर पर नियमों का पालन करने वाले ही परेशान होते हैं, लेकिन यहाँ उल्टा हाल है; नियम तोड़ने वाले दबाव डाल रहे हैं और कानून का पालन कराने वाले अधिकारी दवाब झेल रहे हैं।
कार्रवाई जारी—विभाग सख्त रुख में
आबकारी विभाग का कहना है कि अवैध आहतों पर लगातार कार्रवाई हो रही है और किसी भी तरह की धमकी या दबाव से प्रभावित हुए बिना यह अभियान जारी रहेगा।
शराब आहते 2023 से पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित हैं, फिर भी देवास में चल रहे अवैध आहते कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।




