रोहिणी कलम आत्महत्या : पुलिस ने कोच को बनाया मुख्य आरोपी, CDR में मिले चौंकाने वाले सुराग

26 अक्टूबर को घर में फांसी लगाकर जान दी थी खिलाड़ी ने, — कोच फरार, मध्य प्रदेश जी जुत्सु संगठन के उपाध्यक्ष को पुलिस ने गिरफ्तार किया और जेल पहुंचा
देवास। अंतरराष्ट्रीय जू-जित्सु खिलाड़ी और मध्य प्रदेश जू-जित्सु एसोसिएशन की महासचिव रोहिणी कलम आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। आरोपियों में रोहिणी के कोच विजेन्द्र खासरोड़िया और एमपी जू-जित्सु एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह के नाम शामिल हैं।
पुलिस अब फरार कोच की तलाश में दबिश दे रही है।

प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने 26 अक्टूबर को की थी आत्महत्या
26 अक्टूबर को 35 वर्षीय रोहिणी कलम ने अर्जुन नगर स्थित अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
रोहिणी ने एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय जू-जित्सु प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था।
सुसाइड नोट न मिलने के कारण शुरुआती जांच उलझी हुई थी।
परिजनों ने मांगी थी निष्पक्ष जांच — पुलिस ने दिए विशेष निर्देश
घटना के बाद परिजनों और समाजजनों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस पर एसपी ने मामले की गंभीरता देखते हुए BNP पुलिस को गहन जांच के निर्देश दिए और तकनीकी जांच को तेज किया गया।

CDR जांच में मिला सुराग, कोच और संघ पदाधिकारी पर दबाव डालने के आरोप
पुलिस द्वारा कॉल रिकॉर्ड और CDR की गहन जांच में सामने आया कि रोहिणी की अधिकतर बातचीत
कोच विजेन्द्र खरसोदिया, और
संघ के उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह
से हो रही थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि रोहिणी चोट और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं, फिर भी उन पर प्रतियोगिता खेलने का दबाव डाला गया।
कोच द्वारा अवॉर्ड और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर मानसिक दबाव बनाने की बातें भी पुलिस जांच में सामने आई हैं।
कोच विजेन्द्र खरसोदिया फरार,
मामले में नाम आने के बाद से कोच विजेन्द्र फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस टीमें उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही हैं और गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
परिवार में गहरा शोक — खिलाड़ियों पर दबाव बनाना चिंता का विषय
परिजन कहते हैं कि रोहिणी मानसिक तनाव में थीं और उनके ऊपर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था।
एक होनहार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को खोने से परिवार ही नहीं, पूरा खेल जगत दुखी है।
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों पर दबाव डालने की घटनाएँ बेहद चिंताजनक हैं और इसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
समाज के लोग और खिलाड़ी समुदाय ने माँग की है कि रोहिणी को आत्महत्या के लिए उकसाने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में किसी और खिलाड़ी की जिंदगी पर ऐसा संकट न आए।




